Thursday, 25 August 2011

आखिर कौन हो तुम ??

वर्षों  का ख्वाब तुम ,इस जिन्दगी की तलाश तुम
एक अजनबी सा अहसास तुम ,बेचैन दिल की खास तुम
आखिर कौन हो तुम ?, आखिर कौन हो तुम ?


अकेलेपन में अपने का अहसास तुम ,गुजरती साँसों की तलाश तुम
हर कल्पना में  कृति तुम , हर रचना में मूर्ति तुम
आखिर कौन हो तुम ?, आखिर कौन हो तुम ?


मन की अनसुनी आवाज़ तुम , हर ख्वाब में मुमताज तुम
इस धडकती दिल की अनकही राज़ तुम ,जिन्दगी मेरी संगीत और इसकी साज तुम
आखिर कौन हो तुम ?, आखिर कौन हो तुम ?


रंगीले सपनो का  संसार तुम, इस मधुर जीवन का श्रंगार तुम
उम्मीदों की अभिसार तुम, जीवन में खुदा का उपहार तुम
आखिर कौन हो तुम ?, आखिर कौन हो तुम ?


लबों में लाये मुस्कान तुम्हारी बात ,तुम्हारे दीदार की आरजू दिन और रात
ख्वाबों में होती तुमसे  मुलाक़ात , तुम हो  बेशक जिन्दगी की  सौगात
आखिर कौन हो तुम ?, आखिर कौन हो तुम ?


जिसकी हर एक अदा पर बन जाता ग़ज़ल ,जिसकी सादगी से शरमा जाता कमल
अंदाज जिसकी करती कायल , याद जिसकी करती घायल
आखिर कौन हो तुम ?, आखिर कौन हो तुम ?


जिंदगी के सपने संजोये जिसके साथ ,जिसके हाथों को थामने बेताब मेरे हाथ
जिंदगी ढूँढती जिसे पाथ-पाथ , चलेगी जिन्दगी जिसके साथ साथ
आखिर कौन हो तुम ?, आखिर कौन हो तुम ?


ये सब संभावनाएं है ,संभव बनाने का आस तुम ,
ये सब कल्पनाएँ है , साकार बनाने का विश्वास तुम ,
आखिर कौन हो तुम ?, आखिर कौन हो तुम ?


















9 comments:

  1. क्या बात है भाई आग लगा दी तुमने
    अब बस जिसके लिए लिखी है उसको सुना दो
    बहुत बढ़िया तरीका है इकरार करने का

    दिल में दबा वोह अनकहा राज़ हो तुम
    इस कविता की प्रेरणा, और इसी का अंजाम हो तुम
    तुम ही हो तुम, गायकी का संसार हो तुम

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    1. thank you sir ....aaj rat khawab me jab milunga tab kah dunga ..:-P

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  2. Gayki jitna kuch tumne socha,lagta hai wo nahin hai ye
    "तुम "!!!!!!

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  3. Kiske pyaar me dub gaye Gayki tum? :p

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    1. ye pta hota to TUM ki jagah uska name hi hota :-P

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  4. chha gaye bhai

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