जीवन में खुशिओं की अगुवाई का ।
दोस्तों के जन्मो तक के मिलन का ,
सफ़र शुरू हो रही मोहब्बत करने वालों का ।।
बेला गुंजित होगी ढोल शहनाई से ,
सजेगी बारात उठेगी डोली रौनक़ से ।
ख़ुशनसीब होंगे जवाँ वादों -मुबारकबादों से ,
हम भी करते है कुछ फ़रियाद अपने रब से ।।
जीवन हो अंकित खुशियों की बौछारों से ,
प्रीती बढ़ती रहे इस बंधन में तेरे आशीषों की छाँव में।
ताजगी बरकरार रहे इनके रिश्तों में उम्रभर ,
दोस्तों की दुआओं को दोस्ती के लिए मुक्कमल कर ।।
ज़िन्दगी गुन-गुनाये संगीत की तरह ,
ऐसे इनके जीवन में तू मधुर साज कर ।
रहे गुल-ए - ख़ुशी इनके दामन में हरपल ,
तू अपने ख़ास रहम -ए -निज़ाम कर ।।
मिले हर ख़ुशी तेरी इबादत से,
हो हसरते पूरी तेरी इनायत से ।
रस्मों रिवाजो के इस सिलसिले में इस कदर बंधे ये नव जवां ,
कि कायनात भी सिमट जाये इनकी मोहब्बत में ।।
इस रिश्ते पर किसी की नजर न लगे ,
इस पर तू अपनी खास नजर रख ।
बेशक जीवन सुख-दुःख का संगम है ,
सुख इनके नाम और दुःख दोस्ती में कुर्बान कर ।।
रहे सलामत हर वक़्त आसमान की छांव में ,
खुशिया दे जमीं अपने पनाह में ।
सूरज चाँद सितारों सी रोशन हो ज़िंदगी ,
लाज़मी रिश्तों की बुनियाद पे सँवर जाये बंदगी ।।
ईश्वर तुमसे यही विनती है ,
हमारी विनय स्वीकार कर ।
बधाई-ए- शादी देते हैं दिल से दोस्तों को ,
पैगाम पहुंचा कर हम पर उपकार कर ।।
MCA'12,
NIT TRICHY .
