चल दोस्त चाय पीते है ...
कुछ पुरानी कुछ नई बात करते है,
बीतें मुलाक़ातों से मुलाक़ात करते है ।
चल चाय पे,
चाय की बातों को याद करते है ।
चल दोस्त चाय पीते है ।।
फिर गरम चाय की चुसकियों से,
दिमाग़ को ठंडक पहुँचाते है ।
साँस भाप के साथ लेकर,
मस्तिष्क में ख़ून दौड़ाते है ।
चल दोस्त चाय पीते है ।।
वक़्त की नीर से,
बातों की क्षीर से,
यादों की शक्कर से,
और थोड़ा हँसी की पत्ती और मज़ाक़ के अदरक के साथ चाय बनवाते है ।
चल दोस्त चाय पीते है ...